यह शुभ मुहूर्त विशेष रूप से कलश स्थापना (घटस्थापना) के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है।
इस समय में पूजा-अर्चना करने से नवरात्रि व्रत का विशेष लाभ और देवी मां की कृपा प्राप्त होती है।
पूजा विधि के सुझाव:-
कलश स्थापना के समय घर को स्वच्छ करें।
शुद्ध जल से कलश स्थापित करें।
9 दिनों तक नवरात्रि व्रत करें।
प्रतिदिन माँ दुर्गा के नौ रूपों की विधिपूर्वक पूजा करें।
कन्या पूजन (आठवीं या नवमी को) करें।
सूर्योदय से पूर्व या शुभ मुहूर्त में पूजन संपन्न करें।
सोमवार का दिन है इसलिए माँ का हाथी की सवारी पर आगमन होगा): यह शांति, समृद्धि और ऐश्वर्य का प्रतीक है। इसके आने पर अच्छी बारिश होती है, जिससे फसलें अच्छी होती हैं और धन-धान्य की कमी नहीं रहती।
विशेष संदेश:-
2025 की शारदीय नवरात्रि आपके जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य, प्रेम, और आध्यात्मिक विकास लेकर आए।
माँ दुर्गा आपकी रक्षा करें।